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चैनल: शायद इसे हाइकू ...


ब्लॉग्स (6)
दुःख पे पाँव अगर पड़ जाएतो दुख बिदक कर काट लेते हैं ।नज्में सब पीलीं पड़ गई हैंजाने कब की ये किताब है।तुम्हारे मन में उमस है, इसलिएमुझ तक आने के रास्ते सारे चिपचिपे।अब बस मैं एक रूह हूँजीने के लिए बदन उतारने पड़े।हमने अपना एक जिस्म बनाया हैअब बस एक रूह की ... आगे पढ़ें...

आँख में पकडी गयी चाँद के मैं कलसुबह वो पलके झुकाना भूल गया थावो आई तो मैने शाख बढ़ा दी अपनी वो छाओं थी इक, धूप की जो भर गयी आवाज़ उसकी, मेरे अल्फाज़ से मैने वहाँ से कुछ नज़मे निकाल ली किताब में पहले नदियाँ मिल जाती थी अब बादल बड़ी मुश्किल भींग पाते हैं ... आगे पढ़ें...

कडी धूप में जिंदगी तप रही हैमैने तेरे सारे छाव खो दिये हैंबादल को मैने कहा था कभीबूँदें तुझे एक दिन छोड़ देंगीमुहव्वत की ताजी नजर से गिरी होकायनात को तुम डूबो के रहोगी सबकुछ ही बिल्कुल हो जब सही नाकाम लब्जे फिसल जाती हैं एन वक्तजब छोड़ दिया उसने ख्वाबों ... आगे पढ़ें...

गुजरता रहेगा वक़्त पहले की तरहपर मौसम टंगे रहेंगे उन्ही सुखे पत्तों परआर पार जाती रहेंगी झोंके बारिशो केलहू के तपिश और दबाब कम नही होंगे पसरती रहेगी धूप छत और आंगन के कंधों परपर छू नही पायेगी उनकी छूअन सीलनो और दीमको कोबहुत सारा पानी बह गया होगा तब तकपर ... आगे पढ़ें...

लिहाफ है प्यार तेराओढ के लेटता हूँ सर्दियो मेंनजरो में तेरी यादो के पन्ने हैंपलट के पढा करता हूँ छुट्टियो मेंजब मौसम सन्वरता है खिला करती हो गमले की मिट्टियो मेंगुनगुनी धूप में छत पे बैठती होऔर पीपल के नीचे गर्मियो मेंतेरी दूरी ने खराशे बनायी रेत पेऔर ... आगे पढ़ें...

रात को अलाव में काटा है नींद आँखों में गिरती हीं नहीं. साहिल पे गया था कल शाम को रेत पे तेरा नाम लिख के आया था. एक सुकून है तेरे नाम में याद करता हूँ तो सांस आती है. रिश्ते टूट कार अलग हो जाते हैं तो शायद दो रिश्ते बन जाते हैं. जो आशियाना हम नही बना सके ... आगे पढ़ें...