(1)
कुछ रंग हैं कुवाँरे
रखे मेरे पास
इस होली पे
सोंचता हूँ
निकालूँ उन्हें
पर तभी जब
तुम अपनी मांग सामने कर दो
(2)
आज होली के दिन आओ
अपने होंठो पे रंग रख के,
गर तेरी इजाज़त हो
तेरे लबों पे
अपना गुलाबी इश्क रख दूँ
(3)
होली आने के
बहुत पहले से हीं
हवा हर ओर
फैला रही है
गुलाल
प्रकृति का गुलाल- धूल
लोड हो रहा है...