जिंदगी
जो भी उगा दे
तुम्हारी मिटटी में
अपना लो उसे
जिन्दगी
जो भी पका दे
तुम्हारे पतीले में
खा लो उसे
जिंदगी
जो भी सुना दे
तुम्हारे कानो में
सुर दो उसे
जिंदगी
जो भी दिखा दे
मान लो सच उसे
परमात्मा के बनाये जीवन में
परमात्मा हीं दीखता है,
परमात्मा हीं बजता है,
परमात्मा ही खिलता है,
परमात्मा हीं मिलता है .
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