Webdunia: Portal - Search - Mail - Greetings   More >>
Support | Font Download | Feedback
Search  
Welcome, Guest  [ Register | Sign In ]

12 अगस्त, 2008


ब्लॉग्स (1)
दिल से जो चले गये, उन दर्दों के लिए,जाने क्यूँ कभी-कभीदिल बड़ा बेकरार रहता है और जो गये नही अब तकवो बैठे हैं जाम लेके होश उनको जरानागवार रहता है.कुछ ऐसे भी दर्द हैंजो पड़े हैं बरसों से,पत्ते खेलने के लिए जिन्हें, शाम कोकुछ और दर्दों का इंतिज़ार रहता ... आगे पढ़ें...