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मुझे तुझमे थोडी देर और रुकना था


मुझे तुझमे थोडी देर और रुकना था

जिस्म से रूह पर अभी फिसला ही था
अभी देखा भी नही था उसे आंख भर
कि धकेल दिया तुमने मुझे बाहर....

मुझे तुझमे थोडी देर और रुकना था


प्रतिक्रियाएँ

Re: मुझे तुझमे थोडी देर और रुकना था
रोक तो लेते तुम्हे हम अपनी रूह से लगा कर पर क्या करते इस रूह को तुम्हसे पहेली किसी और का होना था
Re: मुझे तुझमे थोडी देर और रुकना था
aapne rok hi liya samjho
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