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पैबंद
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Om Arya
द्वारा 26 मई, 2008 4:08:00 PM IST पर पोस्टेड
#
समय घिस-घिस कर फटता रहा
और हम उनपे पैबंद लगाते रहे
कुछ यूँ ही गुजरी जिंदगी हमारी
हालात तो हमने ढक दिये पैबंदो से
पर पैबंदो को हम नही ढक पाये.
चैनल
:
थोड़ा सा आसमान
टैग्स
:
विविध
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