बडे करीब हैं दिल के .....
धान के खेतो के बगल से जाती हुई पगडंडीया
जहाँ छाव होती है मोड पे बरगद की
आम के बगीचे में खाट पडी हो कोई
गरमी के दुपहरियो को मुंडेर से बंधे हो झुले
और ऐसी ही कुछ और चीजे बहुत करीब हैं दिल के
क्यो नही होंगी
ये सारी चीजे पसंद जो थी तुम्हें

लोड हो रहा है...