कुछ ग़ज़लें, कुछ नज़्में जो उलझ जाती है मकड़जाल में कुछ बातें, जिन्हे लम्हों की तनी रस्सियों पर चलना होता है कुछ एहसास और खयाल जो पिघलते नही किसी भी मौसम में कुछ चित्र और रंग जिनको आँख में आने की वजह नही मिलती -----और इस तरह की कुछ और भी चीजें जो अधूरी ...
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