तू किनारे पे करना इंतेज़ार साकी मैं लौटूँगा फिर इस पार साकी बिक जाएंगे एक दिन कौडियो में सब तब भी बच जाएंगे ये बाजार साकी अरसे से महरूम रखा आँसुओं से आँखों का हूँ बड़ा मैं गुनहगार साकी तेरे घर का दरवाजा हर दफ़ा बंद मिला हम गुजरे तो तेरी गली से कई बार ...
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