बडा इंतज़ार रहता है
दिल से चले गये दर्दो का
जाने क्यो बडा इंतज़ार रहता है
और जो बच गये हैं बैठे हैं जाम लेके
होश इनको जरा ना-गवार रहता है
आजकल अखबार का समाचार पढते वक़्त
नजर बडा ही शर्मसार रहता है
बदन के रेशे रेशे पे जिंदा हर पल
तेरे बोसे का प्यार रहता है
समंदर ने छोड दिया आना साहिल पे
किनारे की रेत पे तपिश बेसुमार रहता है
दुनिया के दामन में साजिश बहुत है
जिंदगी पे मौत का खौफ हमेशा बरकरार रहता है

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