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3 अप्रैल, 2008


ब्लॉग्स (3)
दिल से चले गये दर्दो काजाने क्यो बडा इंतज़ार रहता हैऔर जो बच गये हैं बैठे हैं जाम लेकेहोश इनको जरा ना-गवार रहता हैआजकल अखबार का समाचार पढते वक़्तनजर बडा ही शर्मसार रहता हैबदन के रेशे रेशे पे जिंदा हर पलतेरे बोसे का प्यार रहता हैसमंदर ने छोड दिया आना साहिल ... और पढ़ें...

चील से उडते हैं मौसमजैसे झपट्टा मारने को होअलसायी पडी जिंदगी सुखती रहती है टहनी पेजम्हाई लेती दुपहरी के रोशनदानो से झुलसी हुई हवा का आना लगा रहता हैदीवारे तपती रहती है अल्लसुबह सेभीतर ही भीतरधाह मारती रहती हैभिंगोता हूँ, पानी छिडकता हूँ पर धूल थमती ... और पढ़ें...

लिहाफ है प्यार तेराओढ के लेटता हूँ सर्दियो मेंनजरो में तेरी यादो के पन्ने हैंपलट के पढा करता हूँ छुट्टियो मेंजब मौसम सन्वरता है खिला करती हो गमले की मिट्टियो मेंगुनगुनी धूप में छत पे बैठती होऔर पीपल के नीचे गर्मियो मेंतेरी दूरी ने खराशे बनायी रेत पेऔर ... और पढ़ें...