फिर मिल जाता है आसमानजब परिंदो में उडान लौट आती है कल रात कुछ ऐसा ही हुआथका सा एक साख पे वो बैठा थाजब छू गयी कोइ संजीवनी हवापरो पे ताजे कुछ जोश उभर आए और वो उड चलाऔर परो पे फिर से वही उडान लौट आयीउसके सामने अब फिर से एक पूरा आसमान हैउस संजीवनी हवा में ...
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