Anonymous द्वारा 25 फ़रवरी, 2008 3:23:33 PM IST पर टिप्पणी
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"वो जाफ़रानी पुलोवर उसी का हिस्सा है,
कोई जो दूसरा पहने, तो दूसरा ही लगे." जैसे हमारी ही जिंदगी की एक घटना आपके शब्दों में घटकर और ज्यादा सजीव हो गयी है.
Neha Kavathekar द्वारा 28 फ़रवरी, 2008 1:43:59 PM IST पर टिप्पणी
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"वो जाफ़रानी पुलोवर उसी का हिस्सा है, कोई जो दूसरा पहने, तो दूसरा ही लगे." जैसे हमारी ही जिंदगी की एक घटना आपके शब्दों में घटकर और ज्यादा सजीव हो गयी है.
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