तेरी शाख पे एक नन्ही ज़िंदगी अपनी नाज़ुक कोन्पल ले आई है ज़िंदगी की ये कोन्पल अभी अपने निर्मल आँखों की रोशनी से नाज़ुक हाथों की छुअन से परिमल मुस्कान से तुझमें आहलाद भर देगी तेरी यादों में इस पल का स्पर्श हमेशा नाज़ुक रहेगा छु लो इस पल को अपनी शाख का सारा ...
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